Thursday, May 22, 2014

ANUBHAV GYAN




                                                             
                                                                  अनुभव   ज्ञान
                         सत्संग में लोग पूछते हैं कि आप अपना कोई अनुभव बताइये जिससे कि हमारा भी
          विश्वास बढ़े।  लेकिन जगत निरंतर एक गति में है।  कभी भी पुरानी परिस्थितियां पुनरावर्तित
          नहीं होतीं इसलिए पुराने अनुभवों का कोई भी महत्व नहीं है।  पुराने अनुभव उस व्यक्तिविशेष
        के जीवन में भी कोई लाभ नहीं पहुंचा सकते जिसके जीवन में वे घटित हुए हैं तो अन्य के जीवन
        में कैसे लाभ पहुंचा सकते हैं।
                         कुछ लोग कहते हैं कि आध्यात्मिक छेत्र में पुस्तकों का उतना महत्व नहीं है जितना
        कि अनुभव का है।  यह बात सही है परन्तु यह बात इसलिए नहीं कही गई है कि हम अपने पुराने
        अनुभवों को रटते रहें।  यह बात इसलिए कही गई है की प्रत्येक छन परिस्थिति बदल रही है ,
        हम प्रत्येक छन नए नए अनुभवों को ग्रहण करने के लिए अपने को खुला रक्खें।